nursing care services at home

Screen Time & Eye Health: 2026 में बढ़ती आँखों की समस्याओं से कैसे बचें?

2026 में भारत का औसत युवा और प्रोफेशनल रोजाना 8-12 घंटे स्क्रीन पर बिताता है – मोबाइल, लैपटॉप, टीवी सब मिलाकर। AIIMS और ICMR की 2025-26 रिपोर्ट्स के मुताबिक, 70% से ज्यादा युवाओं में डिजिटल आई स्ट्रेन (कंप्यूटर विजन सिंड्रोम) की शिकायत है – और ये संख्या हर साल बढ़ रही है।

Screen time & eye health का कनेक्शन अब इतना मजबूत हो चुका है कि आँखों की समस्याएं 30-40 साल की उम्र में ही शुरू हो रही हैं। इस ब्लॉग में हम समझेंगे असली कारण, लक्षण और 10 आसान, प्रैक्टिकल उपाय – जो आप आज से ही शुरू कर सकते हैं।

screen time & eye health

1. Screen Time से आँखों को सबसे ज्यादा नुकसान क्यों होता है?

  • ब्लू लाइट: स्क्रीन से निकलने वाली नीली रोशनी (400-500 nm) रेटिना को डैमेज करती है और नींद का हॉर्मोन मेलाटोनिन कम करती है।
  • ब्लिंकिंग कम होना: नॉर्मल में हम 15-20 बार/मिनट पलक झपकाते हैं, लेकिन स्क्रीन देखते समय सिर्फ 5-7 बार – आँखें ड्राई हो जाती हैं।
  • फोकस डिस्टेंस: लगातार पास की स्क्रीन देखने से आँखों की मसल्स थक जाती हैं (Accommodative Spasm)।

2. Screen Time & Eye Health के मुख्य लक्षण

लक्षणकितना कॉमन?क्या होता है?
ड्राई आईज / जलन80%आँखें लाल, रेत जैसा महसूस होना
सिरदर्द (फ्रंटल)65%स्क्रीन देखने के बाद दर्द
धुंधला दिखना (ब्लर विजन)55%दूर-नजदीक फोकस करने में दिक्कत
आँखों में दर्द / थकान70%शाम तक आँखें भारी लगना
नींद की कमी60%रात को स्क्रॉलिंग से लेट सोना

3. 10 प्रैक्टिकल टिप्स – Screen Time & Eye Health बचाने के लिए

  • 20-20-20 रूल – हर 20 मिनट में 20 सेकंड के लिए 20 फीट दूर देखें (खिड़की से बाहर)।
  • स्क्रीन ब्राइटनेस – रूम लाइट के बराबर रखें, बहुत तेज या बहुत धीमी न हो।
  • ब्लू लाइट फिल्टर – मोबाइल/लैपटॉप पर नाइट मोड या ब्लू लाइट ग्लासेस (₹300-1000) यूज करें।
  • ब्लिंकिंग एक्सरसाइज – जानबूझकर 10-15 बार तेज पलकें झपकाएं – हर घंटे।
  • आर्टिफिशियल टीयर्स – डॉक्टर से पूछकर ड्राई आई ड्रॉप्स (Refresh Tears, Systane) यूज करें।
  • स्क्रीन डिस्टेंस – मोबाइल 40-50 cm, लैपटॉप 50-70 cm दूर रखें।
  • लाइटिंग – स्क्रीन पर रिफ्लेक्शन न आए – कमरे में बैकलाइटिंग यूज करें।
  • स्क्रीन टाइम लिमिट – रोजाना 6-8 घंटे से ज्यादा न करें (ऐप्स जैसे Digital Wellbeing से लिमिट सेट करें)।
  • आँखों की एक्सरसाइज – पामिंग (हाथों से आँखें ढककर 2-3 मिनट रिलैक्स), फोकस शिफ्ट (नाक से दूर की चीज पर)।
  • रात 10 बजे बाद – स्क्रीन बंद, नींद के लिए ब्लैकआउट रूम।

4. कब डॉक्टर से मिलें? (रेड फ्लैग्स)

  • लगातार 2-3 हफ्ते से दर्द/धुंधलापन
  • आँखों में लालिमा + पानी आना
  • विजन में अचानक कमी
  • सिरदर्द + उल्टी
  • आँखों में दर्द + फ्लैशेस/फ्लोटर्स

निष्कर्ष

स्क्रीन टाइम आज की जिंदगी का हिस्सा बन चुका है, लेकिन अगर इसे कंट्रोल में न रखा जाए तो आँखों की सेहत पर बहुत बुरा असर पड़ता है – ड्राई आईज, सिरदर्द, धुंधला दिखना और लंबे समय में विजन लॉस तक।

अच्छी खबर ये है कि 20-20-20 रूल, ब्लू लाइट फिल्टर, सही लाइटिंग और थोड़ी सी एक्सरसाइज जैसी छोटी-छोटी आदतें आपकी आँखों को लंबे समय तक स्वस्थ रख सकती हैं।

आज से ही एक कदम उठाएं – हर घंटे 20 सेकंड दूर देखें, और याद रखें: आँखें आपकी दुनिया दिखाती हैं, इनकी देखभाल आपकी जिम्मेदारी है।

अगर आप होम केयर नर्स की नौकरी की तलाश कर रहे हैं, या आपके परिवार या दोस्तों को घर पर नर्सिंग सेवाओं की ज़रूरत है, तो तुरंत संपर्क करें:

📞 कॉल/व्हाट्सएप: 6207179654
🌐 वेबसाइट: Nursing job Apply Now

📍 पता: 1st Floor, Raza Complex, Near Alam Hospital, Ranchi – 834009

होम नर्सिंग एक ज़िम्मेदारी भरा और सम्मानजनक करियर है। अगर आप इस क्षेत्र में आगे बढ़ना चाहते हैं, तो यह मौका न गंवाएं। आज ही आवेदन करें और बेहतर स्वास्थ्य सेवा का हिस्सा बनें! 😊

We Also Provide Home Nursing Services, Medical Equipments Rental Services & Online Doctor Consultation.


OUR Services       

All nursing Services                            –    Click here

Medical Equipments On rent           –    Click here

Doctor Consultation                           –   Click here

Share with Friends!

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *